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कहानी मेरे स्कूल की. Story my school

        *कहानी मेरे जीवन की*
वो दिन जब मैं स्कूल में पड़ती थी आज भी याद आते हैं। उस दिन की क्लास में वो टीचर का मेरी नोटबुक पकड़ना।
That day when I had fallen in the school today, I miss. In the class of that day, he catch my notebook of the teacher.





 बात उन दिनों की है। जब मैं  अपने छोटे से गाँव के स्कूल में पढ़ती थी।
वो दिन भी बड़े अजीब थे...

मेरी क्लास का १ वाक्या याद आ गया सोचा आपको भी बता दूँ।

जिसे मैं क़भी नही भूलती ।

कभी मैं भी बहुत खुश हुआ करती थी मुझे आज भी याद है।
उस दिन ....🖌
कक्षा मे जब मैने सर की मौजूदगी मे उन्ही की पेन्टिग बना दी थी।
🤓
सर मुझे देख रहे है ये मै नही जानती थी।

अचानक मेरे कानों मे एक जोरदार आवाज़ गूँजती है।

क्या कर रही हो?

मैं चौक गयी और कोपी को छुपा लिया।
 तभी मेरे पास बैठी लड़की ने मेरी कोपी लेकर सर जी को दे दी ।



       मैं डर गयी थी मुझे लगा था कि आज मेरी अच्छे से खबर ली जायेगी।

लेकिन ऐसा नही हुआ था जो हुआ उसकी मैने कल्पना भी नही की थी।

   बहुत ही अच्छी फ़ोटो बनाई है मुझे विश्वास नही हो रहा कि यह तुमने बनायी है।

मैने सिर नीचे झुका लिया था।
मानो सिर पर वजन रख दिया गया हो...

वे बोले बेटा डरो मत मै तो यह कहना चाहता हूँ कि तुम एक दिन बहुत बड़ी चित्रकार बनोगी।
देश का नाम रोशन करोगी...

मै बहुत खुश थी मानो जैसे आसमान की सैर कर रही हूँ।

लेकिन अगले ही पल सारी खुशीयों को ग्रहण लग गया हो...

 क्योकि मेरे पापा की आर्थिक स्थिति ठीक नही थी।
कभी तो किताबों के लिए भी पैसे नही होते थे ।

बात यही खत्म हो गयी थी...

समय तो तेजी से निकल रहा था।
12वीं के बाद मेरी शादी कर दी गयी मै एक नये माहोल मे आ गयी थी।

 जहाँ मेरा किसी ने कोई सहयोग नही किया।
आज भी मै उस घुटन को महसूस करती हूँ...

यदि उस दिन मेरा किसी ने सहयोग किया होता तो मै बहुत आगे निकल गयी होती...
 ख़ैर कोई बात नही किस्मत को शायद यही मंजूर था ।

लेकिन आज मै दूसरो की मदद जरूर कर देती हूँ।

कहीं मेरी तरह किसी और क सपनों को ग्रहण ना लग जाये।

             भारत के १ छोटे से गाँव की बेटी ...........🎤🧘🏻‍♀                           सविता 
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