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एक गिलास दूध की क़ीमत आप क्या जानोWhat do you know about the price of a glass of milk

*एक गिलास दूध की कीमत आप क्या जानो साहब*
* What you know as a glass of milk *




बहुत तेज बारिश हो रही थी। 🌧🌧🌨🌨🌨🌨🌨
 हम किराये के घर में रह रहे थे। अचानक मेरे पापा ने मुझे आवाज दी ।
बेटा....

मैं दौड़कर गया ।
 जी बाबूजी
बेटा मुझे ठंड लग रही है कोई कपड़ा हो तो मेरे ऊपर डाल देना... शायद कुछ आराम मिल जाये।
घर में दो ही कपड़े थे एक मेरी माँ ने ओढ रखा था ।
और एक मैने अपने पापा जी को उढ़ा दिया। लेकिन मैं बैठा सोच रहा था कि मै क्या ओढ़ू।🤔🤔

फिर मैंने सोचा क्यों ना मैं अपनी माँ के पास लेट जाऊँ। 👩‍👦फिर क्या था मन ही मन मैं खुश हो गया क्योंकि तेज बारिश के कारण ठंड काफी बढ गयी थी।जैसे ही मैं अपनी माँ के पास गया मैंने माँ के मुँह से कपड़ा ऊपर उठाया मेरा हाथ अचानक माँ के माथे से छू गया मैने हाथ पीछे हटा लिया और मैं डर गया मेरे मुँह से घबराकर निकला हे भगवान!
 मै अब क्या करुँ क्योंकि मेरी माँ को बहुत तेज बुखार था।🤒🤒🤒
अब मैं अपनी सर्दी को भूल गया था।
उधर मेरे पापा भी बीमार थे। मैंने सोचा कि डाक्टर से दवाई ले आता हूँ दोनो को खिला दूँगा दोनो ठीक हो जायेंगे।
मैं दौड़कर गया 🏃🏃🏃🏃🏃
डॉक्टर साहब  डाक्टर साहब...🏥🏥
मेरी माँ और पापा जी को बहुत तेज बुखार है।
 आप दवाई देदो...
 उन्होंने कहा पैसे लाया है। मैने कहा हमारे घर मे पैसे नहीं थे।💰💰💰
इसलिए मै नही लाया पर  आपके पैसे हम दे देंगे ।
क्यो दे दूँ तेरे बाप पर 500₹ तो पहले हैं।💵💵

 वो तो आज तक दिये नही । मैं रोने लगा डाक्टर की मिन्नते करने लगा लेकिन उन पर मेरी गिड़गिड़ाहट का कोई असर नही हुआ।🙏🏻🙏🏻🙏🏻
 मै क्या करता रोते -रोते घर की तरफ भाग लिया। थोड़ी देर तो मै चुप चाप बैठा रहा और अपने माँ बाबूजी को देखता रहा।🙇‍♂🙇‍♂🙇‍♂

 फिर मुझे याद आता कि चाय पीने से भी बुखार कम हो जाता है ।☕☕☕

मैने देखा कि अब दूध के बिना चाय कैसे बनाऊँ हमसे कुछ दूरी पर मेरी बुआजी रहती थीं।
 उनके बड़े ठाट थे। मैने एक गिलास उठाया और बुआ के घर की तरफ चल दिया मैने सोचा वो तो मेरी बुआ जी हैं...
 वहाँ तो दूध मिल ही जायेगा लेकिन मै गलत था।🥛🥛🥛

 क्योंकि ग़रीब की भगवान के सिवा किसी से कोई रिश्तेदारी नही होती।
आपको पता है मेरी बुआ ने क्या कहा... नही शायद आप सोच भी नही सकते।
तुम्हारी वजह से मेरी इज़्ज़त कम हो गयी। आ जाते हो मुझे लजाने के लिए बड़ी मेहनत से मिलता है ये दूध ऐसे ही नही मिल जाता।
मैं आठ सात साल का बच्चा सोच मे पड़ गया। कि मै एसी कौन सी मेहनत करूँ जो मुझे भी दूध मिले।
  मैं रोता गया और सोचता गया घर जाकर मैने अपनी माँ और पापा को गरम पानी🍶🍶 पिलाया क्योकि उस वक्त मेरे पास वही था।

✍🏻अब मै 25 साल का हो गया हूँ ।
पैसे भी कमाने लगा हूँ।🎆🌇🎑

पर वो एक गिलास दूध मै नही भूला शायद कभी भूल भी ना पाऊँ।..........🖋
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