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श्री मद्-भगवद गीता में क्या है What is in the Mr. Bhagavad Gita

                 भगवत गीता 

श्री मद्- भगवद गीता में क्या है, क्यों कहते हैं महाग्रन्थ, भगवद गीता को आओ जानते हैं।Mr. Mal-Bhagavad is in Gita, why say, Maharagth, know Bhagavad Gita.



   

*"श्री मद्-भगवत गीता"* के बारे में-


*प्रश्न-  किसको किसने सुनाई?*

उ.- श्रीकृष्ण ने अर्जुन को सुनाई ।

*प्रश्न-  कब सुनाई?*

उ.- आज से लगभग 5 हज़ार साल पहले सुनाई ।

*प्रश्न- भगवान ने किस दिन गीता सुनाई?*

उ.- रविवार के दिन ।


*प्रश्न-  कोनसी तिथि को?*

उ.- एकादशी ।

*प्रश्न- कहा सुनाई?*

उ.- कुरुक्षेत्र की रणभूमि में ।

*प्रश्न- कितनी देर में सुनाई?*

उ.- लगभग 45 मिनट में ।

*प्रश्न- क्यूँ सुनाई?*

उ.- कर्त्तव्य से भटके हुए अर्जुन को कर्त्तव्य सिखाने के लिए और आने वाली पीढियों को धर्म-ज्ञान सिखाने के लिए ।

*प्रश्न- कितने अध्याय है?*

उ.- कुल 18 अध्याय ।

*प्रश्न- कितने श्लोक है?*

उ.- 700 श्लोक ।

*प्रश्न- गीता में क्या-क्या बताया गया है?*

उ.- ज्ञान-भक्ति-कर्म योग मार्गो की विस्तृत व्याख्या की गयी है, इन मार्गो पर चलने से व्यक्ति निश्चित ही परमपद का अधिकारी बन जाता है ।

*प्रश्न- गीता को अर्जुन के अलावा और किन किन लोगो ने सुना?*

उ.- धृतराष्ट, संजय और श्री हनुमान जी ने ।

*प्रश्न- अर्जुन से पहले गीता का पावन ज्ञान किन्हें मिला था?*

उ.- भगवान सूर्यदेव को ।

*प्रश्न- गीता की गिनती किन धर्म-ग्रंथो में आती है?*

उ.- उपनिषदों में ।

*प्रश्न- गीता किस महाग्रंथ का भाग है....?*

उ.- गीता महाभारत के एक अध्याय शांति-पर्व का एक हिस्सा है ।

*प्रश्न- गीता का दूसरा नाम क्या है?*

उ.- गीतोपनिषद ।

*प्रश्न-  गीता का सार क्या है?*

उ.- प्रभु श्रीकृष्ण की शरण लेना ।

*प्रश्न-  गीता में किसने कितने श्लोक कहे है?*

उ.- श्रीकृष्ण जी ने- 574,
अर्जुन ने- 85,
धृतराष्ट्र ने- 1,
संजय ने- 40,



अपनी युवा-पीढ़ी को गीता जी की जानकारी ज्यादा से ज्यादा दें।




अधूरा ज्ञान खतरनाक होता है।


33 करोड नहीँ  33 कोटी देवी देवता हैँ हिँदू धर्म मेँ।


कोटि = प्रकार।


देवभाषा संस्कृत में कोटि के दो अर्थ होते है:-


कोटि का मतलब प्रकार होता है और एक अर्थ करोड़ भी होता।



हिन्दू धर्म का दुष्प्रचार करने के लिए ये बात उडाई गयी की हिन्दुओ के 33 करोड़ देवी देवता हैं और अब तो अज्ञानता वश हिन्दू खुद ही गाते फिरते हैं की हमारे 33 करोड़ देवी देवता हैं...

कुल 33 प्रकार के देवी देवता हैँ हिँदू धर्म मे :-


12 प्रकार हैँ

आदित्य , धाता, मित, आर्यमा,शक्रा, वरुण, अँश, भाग, विवास्वान, पूष,सविता, तवास्था, और विष्णु...!


8 प्रकार हैं :-

वासु:, धर, ध्रुव, सोम, अह, अनिल, अनल, प्रत्युष और प्रभाष।


11 प्रकार है :-

रुद्र: ,हर,बहुरुप, त्रयँबक,अपराजिता, बृषाकापि, शँभू, कपार्दी,रेवात, मृगव्याध, शर्वा, और कपाली।


एवँ

दो प्रकार हैँ अश्विनी और कुमार।


कुल :- 12+8+11+2=33 कोटी




🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏

१ हिन्दु हाेने के नाते जानना ज़रूरी है



*जय श्रीकृष्ण*


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अब आपकी बारी है कि इस जानकारी को आगे बढ़ाएँ  तो आपको भी आनंद होगा.....🙏
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